हर घड़ी खुद से उलझना है मुक़द्दर मेरा
मैं ही कश्ती हूँ मुझ ही में है समंदर मेरा
एक से हो गए मौसम हो, कि चेहरे सारे
मेरी आँखों से कहीं खो गया मंजर मेरा
किससे पूंछू कि कहाँ गुम हूँ कई बरसों से
हर जगह ढूंढता फिरता है मुझे घर मेरा
मुद्दतें हो गई इक ख्वाब सुनहरा देखे
जागता रहता है हर नींद में बिस्तर मेरा
" Nida Fazli "
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आईना देख के बोले, ये संवरने वाले,
अब तो बे-मौत मरेंगे, मेरे मरने वाले
देख के तुमको होश में आना भूल गए
याद रहे तुम और ज़माना भूल गए
जब सामने तुम आ जाते हो
क्या जाने क्या हो जाता है
कुछ मिल जाता है, कुछ खो जाता है
क्या जाने क्या हो जाता है
चाहा था ये कहेंगे, सोचा था वो कहेंगे
आये वो सामने तो कुछ भी न कह सके
बस देखा किये उन्हें हम
देख कर तुमको यकीं होता है
कोई इतना भी हसीं होता है
देख पाते हैं कहाँ हम तुमको
दिल कहीं होश कहीं होता है
जब सामने तुम आ जाते हो
क्या जाने क्या हो जाता है
कुछ मिल जाता है, कुछ खो जाता है
क्या जाने क्या हो जाता है
आकर चले न जाना ऐसे नहीं सताना
देकर हंसी लबों को आँखों को नहीं रुलाना
देना न बेक़रारी दिल का क़रार बनके
यादों में खो न जाना इंतज़ार बनके
भूल कर तुमको न जी पाएंगे
साथ तुम होगी जहाँ जायेंगे
हम कोई वक़्त नहीं है हमदम
जब बुलाओगे चले आएंगे
जब सामने तुम आ जाते हो
क्या जाने क्या हो जाता है
कुछ मिल जाता है, कुछ खो जाता है
क्या जाने क्या हो जाता है
" Nida Fazli "
Voice : Asha Bhonsle & Jagjit Singh
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कहीं कहीं से हर चेहरा तुम जैसा लगता है
तुमको भूल न पाएंगे हम ऐसा लगता है
ऐसा भी इक रंग है जो करता है बातें भी
जो भी इसको पहन ले वो अपना सा लगता है
तुमको भूल न पाएंगे हम ऐसा लगता है
और तो सब कुछ ठीक है लेकिन
कभी कभी यूँ ही चलता फिरता शहर
अचानक तनहा लगता है
तुमको भूल न पाएंगे हम ऐसा लगता है
अब भी यूँ मिलते हैं हमसे फूल चमेली के
जैसे इनसे अपना कोई रिश्ता लगता है
तुमको भूल न पाएंगे हम ऐसा लगता है
" Nawaz Deobandi "
Voices : Lata ji, Asha ji, Jagjit ji
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बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी
लोग बेवजह उदासी का सबब पूछेंगे
ये भी पूछेंगे कि तुम इतनी परेशां क्यूँ हो
उँगलियाँ उठेगी सूखे हुए बालों की तरफ
इक नज़र देखेंगे गुजरे हुए सालों की तरफ
चूड़ियों पर भी कई तंज़ किये जायेंगे
कांपते हाथों पे भी फिकरे कसे जायेंगे
लोग ज़ालिम है हर एक बात का ताना देंगे
बातों बातों में मेरा जिक्र भी ले आएंगे
उनकी बातों का जरा सा भी असर मत लेना
वर्ना चेहरे के तास्सुर से समझ जायेंगे
चाहे कुछ भी हो सवालात न करना उनसे - 2
मेरे बारे में कोई बात न करना उनसे
बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी
" Kafir Aazer "
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मैं ही कश्ती हूँ मुझ ही में है समंदर मेरा
एक से हो गए मौसम हो, कि चेहरे सारे
मेरी आँखों से कहीं खो गया मंजर मेरा
किससे पूंछू कि कहाँ गुम हूँ कई बरसों से
हर जगह ढूंढता फिरता है मुझे घर मेरा
मुद्दतें हो गई इक ख्वाब सुनहरा देखे
जागता रहता है हर नींद में बिस्तर मेरा
" Nida Fazli "
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आईना देख के बोले, ये संवरने वाले,
अब तो बे-मौत मरेंगे, मेरे मरने वाले
देख के तुमको होश में आना भूल गए
याद रहे तुम और ज़माना भूल गए
जब सामने तुम आ जाते हो
क्या जाने क्या हो जाता है
कुछ मिल जाता है, कुछ खो जाता है
क्या जाने क्या हो जाता है
चाहा था ये कहेंगे, सोचा था वो कहेंगे
आये वो सामने तो कुछ भी न कह सके
बस देखा किये उन्हें हम
देख कर तुमको यकीं होता है
कोई इतना भी हसीं होता है
देख पाते हैं कहाँ हम तुमको
दिल कहीं होश कहीं होता है
जब सामने तुम आ जाते हो
क्या जाने क्या हो जाता है
कुछ मिल जाता है, कुछ खो जाता है
क्या जाने क्या हो जाता है
देकर हंसी लबों को आँखों को नहीं रुलाना
देना न बेक़रारी दिल का क़रार बनके
यादों में खो न जाना इंतज़ार बनके
भूल कर तुमको न जी पाएंगे
साथ तुम होगी जहाँ जायेंगे
हम कोई वक़्त नहीं है हमदम
जब बुलाओगे चले आएंगे
जब सामने तुम आ जाते हो
क्या जाने क्या हो जाता है
कुछ मिल जाता है, कुछ खो जाता है
क्या जाने क्या हो जाता है
" Nida Fazli "
Voice : Asha Bhonsle & Jagjit Singh
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कहीं कहीं से हर चेहरा तुम जैसा लगता है
तुमको भूल न पाएंगे हम ऐसा लगता है
ऐसा भी इक रंग है जो करता है बातें भी
जो भी इसको पहन ले वो अपना सा लगता है
तुमको भूल न पाएंगे हम ऐसा लगता है
और तो सब कुछ ठीक है लेकिन
कभी कभी यूँ ही चलता फिरता शहर
अचानक तनहा लगता है
तुमको भूल न पाएंगे हम ऐसा लगता है
अब भी यूँ मिलते हैं हमसे फूल चमेली के
जैसे इनसे अपना कोई रिश्ता लगता है
तुमको भूल न पाएंगे हम ऐसा लगता है
" Nawaz Deobandi "
Voices : Lata ji, Asha ji, Jagjit ji
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बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी
लोग बेवजह उदासी का सबब पूछेंगे
ये भी पूछेंगे कि तुम इतनी परेशां क्यूँ हो
उँगलियाँ उठेगी सूखे हुए बालों की तरफ
इक नज़र देखेंगे गुजरे हुए सालों की तरफ
चूड़ियों पर भी कई तंज़ किये जायेंगे
कांपते हाथों पे भी फिकरे कसे जायेंगे
लोग ज़ालिम है हर एक बात का ताना देंगे
बातों बातों में मेरा जिक्र भी ले आएंगे
उनकी बातों का जरा सा भी असर मत लेना
वर्ना चेहरे के तास्सुर से समझ जायेंगे
चाहे कुछ भी हो सवालात न करना उनसे - 2
मेरे बारे में कोई बात न करना उनसे
बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी
" Kafir Aazer "
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