कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी
यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता
जी बहुत चाहता है सच बोलें
क्या करें हौसला नहीं होता
अपना दिल भी टटोल कर देखो
फासला बेवजह नही होता
कोई काँटा चुभा नहीं होता
दिल अगर फूल सा नहीं होता
गुफ़्तगू उनसे रोज़ होती है
मुद्दतों सामना नहीं होता
रात का इंतज़ार कौन करे
आज कल दिन में क्या नहीं होता
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ख़ुदा हमको ऐसी खुदाई न दे
कि अपने सिवा कुछ दिखाई न दे
ख़तावार समझेगी दुनिया तुझे
अब इतनी ज्यादा सफाई न दे
हंसो आज इतना कि इस शोर में
सदा सिसकियों की सुनाई न दे
अभी तो बदन में लहू है बहुत
कलम छीन ले रोशनाई न दे
ख़ुदा ऐसे अहसास का नाम है
रहे सामने और दिखाई न दे
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Album : Sajda
तुझसे मिलने की सज़ा देंगे तेरे शहर के लोग
ये वफ़ाओं का सिला देंगे तेरे शहर के लोग
क्या खबर थी तेरे मिलने पर क़यामत होगी
मुझको दीवाना बना देंगे तेरे शहर के लोग
तेरी नज़रो से गिराने के लिए जाने-हया
मुझको मुजरिम भी बना देंगे तेरे शहर के लोग
कहके दीवाना मुझे मार रहे हैं पत्थर
और क्या इसके सिवा देंगे तेरे शहर के लोग
Album : Sajda
तुझसे मिलने की सज़ा देंगे तेरे शहर के लोग
ये वफ़ाओं का सिला देंगे तेरे शहर के लोग
क्या खबर थी तेरे मिलने पर क़यामत होगी
मुझको दीवाना बना देंगे तेरे शहर के लोग
तेरी नज़रो से गिराने के लिए जाने-हया
मुझको मुजरिम भी बना देंगे तेरे शहर के लोग
कहके दीवाना मुझे मार रहे हैं पत्थर
और क्या इसके सिवा देंगे तेरे शहर के लोग
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Album : Aaeena
परखना मत, परखने में कोई अपना नहीं रहता
किसी भी आईने में देर तक चेहरा नहीं रहता
बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना
जहाँ दरिया समंदर से मिला दरिया नहीं रहता
तुम्हारा शहर तो बिलकुल नए अंदाज़ वाला है
हमारे शहर में भी अब कोई हम सा नहीं रहता
मोहब्बत एक खुशबू है हमेशा साथ चलती है
कोई इंसान तन्हाई में तनहा नहीं रहता
------------
अपना अपना रास्ता है कुछ नहीं
क्या भला है क्या बुरा है कुछ नहीं
जुस्तजू है इक मुसलसल जुस्तज़ू
क्या कहीं कुछ खो गया है कुछ नहीं
मोहर मेरे नाम की हर शय में है
मेरे घर में मेरा क्या है कुछ नहीं
कहने वाले अपनी अपनी कह गए
मुझसे पूछो क्या सुना है कुछ नहीं
Album : Aaeena
परखना मत, परखने में कोई अपना नहीं रहता
किसी भी आईने में देर तक चेहरा नहीं रहता
बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना
जहाँ दरिया समंदर से मिला दरिया नहीं रहता
तुम्हारा शहर तो बिलकुल नए अंदाज़ वाला है
हमारे शहर में भी अब कोई हम सा नहीं रहता
मोहब्बत एक खुशबू है हमेशा साथ चलती है
कोई इंसान तन्हाई में तनहा नहीं रहता
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अपना अपना रास्ता है कुछ नहीं
क्या भला है क्या बुरा है कुछ नहीं
जुस्तजू है इक मुसलसल जुस्तज़ू
क्या कहीं कुछ खो गया है कुछ नहीं
मोहर मेरे नाम की हर शय में है
मेरे घर में मेरा क्या है कुछ नहीं
कहने वाले अपनी अपनी कह गए
मुझसे पूछो क्या सुना है कुछ नहीं
Album : Desires
उल्फत का जब किसी ने लिया नाम, रो पड़े
अपनी वफ़ा का सोचके हम अंजाम, रो पड़े
हर शाम ये सवाल मुहब्बत से क्या मिला
हर शाम ये जवाब कि, हर शाम रो पड़े
राहे वफ़ा में हमको ख़ुशी की तलाश थी
दो कदम ही चले थे कि हर कदम रो पड़े
रोना नसीब में है तो औरों से क्या गिला
अपने ही सर लिया कोई इलज़ाम, रो पड़े
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मोहब्बत में दिखावे की दोस्ती ना मिला
अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी ना मिला
घरों पे नाम थे, नामों के साथ ओहदे थे
बहुत तलाश किया कोई आदमी ना मिला
तमाम रिश्तों को मैं घर पे छोड़ के आया था
फिर इसके बाद मुझे कोई अजनबी ना मिला
बहुत अजीब है करतबों की दूरी भी
वो मेरे साथ रहा और मुझसे कभी ना मिला
ख़ुदा की इतनी बड़ी क़ायनात में मैंने
बस एक शख्स माँगा, मुझे वो ही ना मिला
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वो चांदनी का बदन, खुश्बुओं का साया है
बहुत अज़ीज़ है हमे, मगर पराया है
उतर भी आओ कभी आसमां के ज़ीने से
तुम्हे ख़ुदा ने हमारे लिए बनाया है
महक रही है ज़मीं, चांदनी के फूलों से
ख़ुदा किसी की मुहब्बत पे मुस्कुराया है
उसे किसी की मुहब्बत का ऐतबार नहीं
उसे ज़माने ने शायद बहुत सताया है
तमाम उम्र मेरा दम उसके धुंए से घुटा
वो एक चराग था, मैंने उसे बुझाया है
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आस होगी न आसरा होगा
आने वाले दिनों में क्या होगा
मैं तुझे भूल जाऊँगा इक दिन
वक़्त सब कुछ बदल चुका होगा
नाम हम ने लिखा था आँखों में
आँसुओं ने मिटा दिया होगा
आसमाँ भर गया परिंदों से
पेड़ कोई हरा गिरा होगा
कितना दुश्वार था सफ़र उस का
वो सर-ए-शाम सो गया होगा
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भूल शायद बहुत बड़ी कर ली
दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली
तुम मुहब्बत को खेल कहते हो
हमने बर्बाद ज़िन्दगी कर ली
उसने देखा बड़ी इनायत से
आँखों आँखों में बात भी कर ली
आशिक़ी में बहुत ज़रूरी है
बेवफाई कभी कभी कर ली
धड़कनें दफ़न हो गईं होंगी
दिल में दिवार क्यों खड़ी कर ली
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ये बात कि सूरत के भले, दिल के बुरे हों
अल्लाह करे झूठ हो, बहुतों से सुनी है
वो माथे का मतला हो कि होंठों के दो मिसरे
बचपन की ग़ज़ल ही मेरी महबूब रही है
ग़ज़लों ने वहीं ज़ुल्फ़ों के फैला दिये साये
जिन राहों पे देखा है बहुत धूप कड़ी है
हम दिल्ली भी हो आये हैं लाहौर भी घूमे
ऐ यार मगर तेरी गली, तेरी गली है
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आस होगी न आसरा होगा
आने वाले दिनों में क्या होगा
मैं तुझे भूल जाऊँगा इक दिन
वक़्त सब कुछ बदल चुका होगा
नाम हम ने लिखा था आँखों में
आँसुओं ने मिटा दिया होगा
आसमाँ भर गया परिंदों से
पेड़ कोई हरा गिरा होगा
कितना दुश्वार था सफ़र उस का
वो सर-ए-शाम सो गया होगा
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Full Album : Tum Toh Nahi Ho
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मोहब्बत में दिखावे की दोस्ती ना मिला
अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी ना मिला
घरों पे नाम थे, नामों के साथ ओहदे थे
बहुत तलाश किया कोई आदमी ना मिला
तमाम रिश्तों को मैं घर पे छोड़ के आया था
फिर इसके बाद मुझे कोई अजनबी ना मिला
बहुत अजीब है करतबों की दूरी भी
वो मेरे साथ रहा और मुझसे कभी ना मिला
ख़ुदा की इतनी बड़ी क़ायनात में मैंने
बस एक शख्स माँगा, मुझे वो ही ना मिला
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वो चांदनी का बदन, खुश्बुओं का साया है
बहुत अज़ीज़ है हमे, मगर पराया है
उतर भी आओ कभी आसमां के ज़ीने से
तुम्हे ख़ुदा ने हमारे लिए बनाया है
महक रही है ज़मीं, चांदनी के फूलों से
ख़ुदा किसी की मुहब्बत पे मुस्कुराया है
उसे किसी की मुहब्बत का ऐतबार नहीं
उसे ज़माने ने शायद बहुत सताया है
तमाम उम्र मेरा दम उसके धुंए से घुटा
वो एक चराग था, मैंने उसे बुझाया है
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आस होगी न आसरा होगा
आने वाले दिनों में क्या होगा
मैं तुझे भूल जाऊँगा इक दिन
वक़्त सब कुछ बदल चुका होगा
नाम हम ने लिखा था आँखों में
आँसुओं ने मिटा दिया होगा
आसमाँ भर गया परिंदों से
पेड़ कोई हरा गिरा होगा
कितना दुश्वार था सफ़र उस का
वो सर-ए-शाम सो गया होगा
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भूल शायद बहुत बड़ी कर ली
दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली
तुम मुहब्बत को खेल कहते हो
हमने बर्बाद ज़िन्दगी कर ली
उसने देखा बड़ी इनायत से
आँखों आँखों में बात भी कर ली
आशिक़ी में बहुत ज़रूरी है
बेवफाई कभी कभी कर ली
धड़कनें दफ़न हो गईं होंगी
दिल में दिवार क्यों खड़ी कर ली
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वो चाँदनी भी मेरी तरह जाग रही है
पलकों पे सितारों को लिये रात खड़ी हैये बात कि सूरत के भले, दिल के बुरे हों
अल्लाह करे झूठ हो, बहुतों से सुनी है
वो माथे का मतला हो कि होंठों के दो मिसरे
बचपन की ग़ज़ल ही मेरी महबूब रही है
ग़ज़लों ने वहीं ज़ुल्फ़ों के फैला दिये साये
जिन राहों पे देखा है बहुत धूप कड़ी है
हम दिल्ली भी हो आये हैं लाहौर भी घूमे
ऐ यार मगर तेरी गली, तेरी गली है
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आस होगी न आसरा होगा
आने वाले दिनों में क्या होगा
मैं तुझे भूल जाऊँगा इक दिन
नाम हम ने लिखा था आँखों में
आँसुओं ने मिटा दिया होगा
आसमाँ भर गया परिंदों से
पेड़ कोई हरा गिरा होगा
कितना दुश्वार था सफ़र उस का
वो सर-ए-शाम सो गया होगा
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Full Album : Tum Toh Nahi Ho
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