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Yaarana : gulzar

दूर सूनसान - से साहिल के करीब 
इक जवाँ पेड़ के पास 
उम्र के दर्द लिए, वक़्त का मटियाला दुशाला ओढ़े 
बूढ़ा - सा पॉम का इक पेड़ खड़ा है कब से 
सैकड़ों सालों की तन्हाई के बाद 

झुकके कहता है जवाँ पेड़ से :
" यार, सर्द सन्नाटा है, तन्हाई है 
कुछ बात करो "