Bawra song from kill dil by Gulzar

कोई अटका हुआ पल शायद
वक़्त में पड़ गया है बल शायद
दिल अगर है तो दर्द भी होगा
इसका कोई भी नहीं हल शायद   ( Naration in gulzar voice )

बुझ गए तारे ओ यारा आसमां काला लगे रे
कुछ भी नज़र न आवे अखियों में जाला लगे रे
दिल वाली नौकरी ने मारा ओ यारा दिल वाली नौकरी ने मारा

ओ मीठा लगे अब भी वो यारों, दर्दों की टोकरी उतारो
दिल वाली नौकरी ने मारा ओ यारा दिल वाली नौकरी ने मारा
स्वीटा ओ स्वीटा तेरे बिन कोयलों से काले-काले हुए दिन, तेरे बिन तेरे बिन

ज़िंदगी उलझा हुआ सौदा है
उम्रें लेता है इक पल देकर।  मैं बावरा, बावरा, मैं बावरा.....

मरने से मुझे कोई डर तो नहीं, हाँ तेरे बिन मुश्किल होगी
जीना भी पड़े तो भी मुझको, हाँ तेरे तेरे बिन मुश्किल होगी
सीने में इश्क़ का इक बुझा सा दिया
मैं तो ले के चला
ज़िंदगी उलझा हुआ सौदा है
उम्रें लेता है इक पल देकर।  मैं बावरा, बावरा, मैं बावरा......

शाम है तो शाम सही, रात न होने देना
आस की सांस चलती रहे, मौत न होने देना
जिन आँखों में नींद नहीं है
उन आँखों में ख्वाब था कोई
ख्वाब हो ख्वाब तुम खोने न देना
ज़िंदगी उलझा हुआ सौदा है
उम्रें लेता है इक पल देकर।  मैं बावरा बावरा मैं बावरा......

link for song :  http://www.saavn.com/p/song/hindi/Kill-Dil/Baawra/KRwDQiFJdFs








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