Prem Geet : Hothon se choo lo tum

होठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो
बन जाओ मीत मेरे मेरी प्रीत अमर कर दो  होठों से छू लो

ना उम्र की सीमा हो ना जन्म का हो बंधन
जब प्यार करे कोई, तो देखे केवल मन
नई रीत चला कर तुम ये रीत अमर कर दो  होठों से छू लो

आकाश का सूनापन मेरे तनहा मन में
पायल छनकाती तुम आ जाओ जीवन में
सांसें देकर अपनी संगीत अमर कर दो  होठों से छू लो

जग ने छीना मुझसे, मुझे जो भी लगा प्यारा
सब जीता किये मुझसे, मैं हरदम ही हारा
तुम हार के दिल अपना मेरी जीत अमर कर दो  होठों से छू लो

Lyrics : Indeevar

No comments:

Post a Comment