Ahsaas : jagjit singh

हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए हैं 
ज़िंदा तो है जीने की अदा भूल गए है 

खुशबू जो लुटाती है मसलते है उसी को 
एहसान का बदला यही मिलता है कली को 
एहसान तो लेते हैं सिला भूल गए हैं --- हम दोस्ती एहसान वफ़ा.... 

करते हैं मुहब्बत का और एहसान का सौदा 
मतलब  के लिए करते हैं ईमान का सौदा 
डर मौत का और ख़ौफ़े खुदा भूल गए हैं --- हम दोस्ती एहसान वफ़ा....

अब मोम के घर पर कोई पत्थर नहीं होता 
अब कोई भी कुर्बान किसी पर नहीं होता 
यूँ भटके है मंजिल का पता भूल गए हैं --- हम दोस्ती एहसान वफ़ा....

                                                                               
                                                          lyrics : payam sayeedi




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