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चिट्ठी न कोई सन्देश

चिट्ठी न कोई सन्देश, जाने वो कौनसा देस
जहाँ तुम चले गये
इस दिल को लगाकर ठेस, जाने वो कौनसा देस
जहाँ तुम चले गये !!

इक आह भरी होगी, हमने ना सुनी होगी
जाते जाते तुमने, आवाज़ तो दी होगी
हर वक़्त यही है ग़म, उस वक़्त कहाँ थे हम
कहाँ तुम चले गये  !

हर चीज पे अश्क़ों से, लिखा है तुम्हारा नाम
ये रस्ते घर गलियां, तुम्हे कर न सके सलाम
हाय दिल में रह गई बात, जल्दी में छुड़ा के हाथ
कहाँ तुम चले गये  !

अब यादों के कांटे, इस दिल में चुभते हैं
ना दर्द ठहरता है, ना आंसू रुकते हैं
तुम्हे ढूंढ रहा है प्यार, हम कैसे करें इक़रार
कि हाँ तुम चले गये  !

चिट्ठी न कोई सन्देश, जाने वो कौनसा देस
जहाँ तुम चले गये
इस दिल को लगाकर ठेस, जाने वो कौनसा देस
जहाँ तुम चले गये !!