Lekin : superhit songs

यारा सीली-सीली बिरहा की रात का जलना
ये भी कोई जीना है, ये भी कोई मरना यारा सीली सीली

टूटी हुई चूड़ियों से जोडूं ये कलाई मैं
पिछली गली में जाने क्या छोड़ आई मैं
बीती हुई गलियों से फिर से गुजरना यारा सीली सीली

पैरों में न साया कोई सर पे न साईं रे
मेरे साथ जाए ना मेरी परछाईं रे
बाहर उजाला है अंदर वीराना यारा सीली सीली

Note : गुलज़ार साब ने इस गाने के लिए सर्वश्रेष्ठ गीत का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता
          और filmfare पुरस्कार भी।

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मैं एक सदी से बैठी हूँ - 2 
इस राह से कोई गुजरा नहीं 
कुछ चाँद के रथ तो गुजरे थे 
पर चाँद से कोई उतरा नहीं 

दिन रात के दोनों पहिये भी
कुछ धुल उड़ाकर बीत गये 
मैं मन आँगन में बैठी रही 
चौखट से कोई गुजरा नहीं 

आकाश बड़ा बूढा बाबा 
सबको कुछ बांटके जाता है 
आँखों को निचोड़ा मैंने बहुत 
पर कोई आंसू उतरा नहीं 

voice : Lata mangeshkar
music : Hriday nath mangeshkar

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सुरमयी शाम इस तरह आये 
सांस लेते हैं जिस तरह साये 

कोई आहट नहीं बदन की कहीं 
फिर भी लगता है तू यहीं है कहीं 
वक़्त जाता सुनाई देता है 
तेरा साया दिखाई देता है 
जैसे खुशबू नज़र से छू जाए.....सांस लेते हैं 

दिन का जो भी पहर गुजरता है 
कोई अहसान सा उतरता है 
वक़्त के पाँव देखता हूँ मैं 
रोज ये छाँव देखता हूँ मैं 
आये जैसे कोई ख़याल आये.....सांस लेते हैं

voice : suresh vadekar

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