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Rahat Indori : Ghazal

मोम के पास कभी आग को लेकर देखूं 
सोचता हूँ के तुझे हाथ लगाकर देखूं 

मैंने देखा है ज़माने को शराब पीकर 
दम निकल जाए अगर होश में आकर देखूं 

दिल का मंदिर बड़ा वीरान नज़र आता है 
सोचता हूँ तेरी तस्वीर लगा कर देखूं 

तेरे बारे में सुना है ये कि तू सूरज है 
मैं जरा देर तेरे साये में आकर देखूं 

याद आता है के पहले भी कर बार यूँ ही 
मैंने सोचा था के तुझे भुलाकर देखूं