Billu Barber : Gulzar

रातों रात तारा कोई, चाँद या सितारा कोई 
गिरे तो उठा लेना 
ओ सुनियो रे , तारा चमकीला होगा, चाँद शर्मीला होगा 
नथ में लगा लेना

जरा सी सांवरी है वो, जरा सी बावरी है वो 
वो सुरमे की तरह मेरी आँखों में ही रहती है 
सुबह के ख्वाब से उड़ाई है, पलकों के निचे छिपाई है 
मानो न मानो तुम सोते सोते ख्वाबों में भी ख्वाब दिखाती है 
मानो न मानो तुम परी है वो परी की कहानियां सुनाती है
खुदाया खैर, खुदाया खैर 

तू हवा, मैं जमीं, तू जहाँ-मैं वहीँ 
जब उड़े, मुझे लेके क्यूँ उड़ती नहीं 
तू घटा, मैं जमीं, तू कही मैं कही 
क्यों कभी, मुझे ले के बरसती नहीं 
जरा सा सांवरा है वो जरा सा बावरा है वो 
वो सुरमे की तरह मेरी आँखों में ही रहता है 
सुबह के ख्वाब से उड़ाई है, पलकों के निचे छिपाई है 
मानो न मानो तुम सोते सोते ख्वाबों में भी ख्वाब दिखाती है 
मानो न मानो तुम परी है वो परी की कहानियां सुनाती है
खुदाया खैर, खुदाया खैर, खुदाया खैर, खुदाया खैर

जब दांत में ऊँगली दबाये, या ऊँगली पे लट लिपटाये 
बादल ये नीचड़ता जाए ओओओओ
कुछ करके वो बात को टाले, जब माथे पे गोगल डाले 
अम्बर ये सिकुड़ता जाये 
वो जब नाख़ून कुतरती है तो चंदा घटने लगता है 
वो पानी पे कदम रखे, सागर भी हट जाता है 
सुबह के ख्वाब से उड़ाई है, पलकों के निचे छिपाई है 
मानो न मानो तुम सोते सोते ख्वाबों में भी ख्वाब दिखाती है 
मानो न मानो तुम परी है वो परी की कहानियां सुनाती है
खुदाया खैर, खुदाया खैर, खुदाया खैर, खुदाया खैर

music : pritam
voice : soham, akriti kakkar, monali










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